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चक्कर आना (Vertigo): कारण, लक्षण और इलाज - आपको क्या जानना चाहिए

डॉ. ऋत्विज बिहारी द्वारा

सिर घूमना और चक्कर आना
एआई सारांश
  • वर्टिगो केवल ऊंचाई का डर नहीं है; यह एक भटकाने वाली, झूठी अनुभूति है कि आप या आपके आस-पास की चीजें घूम रही हैं।
  • यह आमतौर पर आंतरिक कान की समस्याओं (जैसे BPPV) के कारण होता है, लेकिन कभी-कभी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र की गंभीर समस्याओं का संकेत दे सकता है।
  • उपचार में अक्सर संतुलन को पुनः प्राप्त करने के लिए विशिष्ट शारीरिक पैंतरेबाज़ी (जैसे Epley maneuver) या वेस्टिबुलर पुनर्वास शामिल होता है।

हम सभी ने कभी न कभी कमजोरी या हल्कापन महसूस किया है। लेकिन वर्टिगो (Vertigo) इससे अलग है। यह वह अहसास है जब आप स्थिर खड़े होते हैं, लेकिन आपको लगता है कि आप या आपके आसपास का कमरा गोल-गोल घूम रहा है।

सिर्फ चक्कर या वर्टिगो: अंतर क्या है?

मरीज अक्सर हर तरह की परेशानी को "चक्कर आना" कहते हैं, लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट के लिए सही अंतर समझना जरूरी है:

  • हल्कापन (Lightheadedness): ऐसा महसूस होना कि आप बेहोश हो सकते हैं। यह अक्सर ब्लड प्रेशर कम होने या पानी की कमी से होता है।
  • वर्टिगो (Vertigo): घूमने का भ्रम। आपको लगता है कि आप किसी झूले पर हैं। यह आमतौर पर कान के अंदरूनी हिस्से या मस्तिष्क में समस्या की ओर इशारा करता है।

चक्कर आने (Vertigo) के मुख्य कारण

वर्टिगो के ज्यादातर मामले इलाज योग्य होते हैं और जानलेवा नहीं होते। इसके सामान्य कारण हैं:

  • BPPV (कान के क्रिस्टल खिसकना): यह सबसे आम कारण है। जब कान के अंदर मौजूद छोटे कैल्शियम क्रिस्टल अपनी जगह से हिल जाते हैं, तो बिस्तर पर करवट लेते ही तेज चक्कर आते हैं।
  • वेस्टिबुलर माइग्रेन: यह माइग्रेन का एक प्रकार है जिसमें मुख्य लक्षण सिरदर्द नहीं, बल्कि चक्कर आना होता है।
  • मेनियर रोग (Meniere's Disease): कान में तरल पदार्थ का निर्माण, जिससे कम सुनाई देना, कान बजना और चक्कर आते हैं।
  • लैबिरिंथाइटिस: यह कान की नस का संक्रमण है।

यह कब एक इमरजेंसी है?

हालांकि कान की समस्याएं सबसे आम कारण हैं, लेकिन कभी-कभी वर्टिगो ब्रेन स्ट्रोक का संकेत भी हो सकता है। यदि चक्कर के साथ निम्नलिखित लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

  • अचानक और बहुत तेज सिरदर्द
  • दोहरा दिखाई देना (Double vision) या देखने में परेशानी
  • हाथ या पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन
  • बोलने में लड़खड़ाहट
  • चलने में कठिनाई या बार-बार गिरना

इसका इलाज कैसे होता है?

इलाज पूरी तरह से कारण पर निर्भर करता है। BPPV के लिए, एपली मैन्यूवर (Epley Maneuver) नामक एक विशेष व्यायाम अक्सर एक ही बार में क्रिस्टल को वापस अपनी जगह पर ले आता है और चक्कर ठीक हो जाते हैं। अन्य स्थितियों के लिए, चक्कर को दबाने या माइग्रेन को नियंत्रित करने वाली दवाएं दी जा सकती हैं।

यदि आपको बार-बार चक्कर आते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। एक सही न्यूरोलॉजिकल जांच समस्या की जड़ को पहचान सकती है और आपका संतुलन वापस ला सकती है।

डॉ. ऋत्विज बिहारी
अध्यक्ष एवं प्रमुख, न्यूरोलॉजी
चंदन हॉस्पिटल, लखनऊ